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विरासत 2025: आज से देहरादून में बिखरेगी कला, संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय धरोहर की रंगीन छटा

शुरुआत विश्व प्रसिद्ध सरोद वादक अमजद अली खान के सुरों से होगी

  1. देहरादून। राजधानी दून आज से 18 अक्टूबर तक कला, संस्कृति और विरासत की झलक से जगमगाएगी। रीच (रीजनल एवोल्यूशनरी आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज) द्वारा आयोजित विरासत आर्ट एंड हेरिटेज महोत्सव-2025 की शुरुआत विश्व प्रसिद्ध सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान के सुरों से होगी।

इस बार महोत्सव की थीम विशेष है—हिरोशिमा परमाणु हमले के स्मरण और अंतरराष्ट्रीय धरोहर। श्रीलंका, बेलारूस, किर्गिस्तान जैसे देशों की लोक एवं शास्त्रीय प्रस्तुतियों की झलक भी दर्शकों को देखने को मिलेगी।

रीच के महासचिव आरके सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि यह महोत्सव केवल कला का उत्सव नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति के मानवीय पहलुओं पर जागरूकता का प्रयास भी है। महोत्सव का 30वां संस्करण डा. बीआर आंबेडकर स्टेडियम, ओएनजीसी कौलागढ़ रोड में आयोजित होगा।

लोकनृत्य और शास्त्रीय प्रस्तुतियों का भव्य संगम
उप्रेती बहनों का छोलिया नृत्य, उत्तराखंड का लोकनाट्य चक्रव्यूह, गुजरात और गोवा के लोक नृत्य, साथ ही भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी और कथक की प्रस्तुतियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। प्रेस कांफ्रेंस में संयुक्त सचिव विजयश्री जोशी, शिल्प निदेशक सुनील वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

संगीत के सितारे एक मंच पर
महोत्सव में संगीत के दिग्गज कलाकार शामिल होंगे—डा. एन राजम, पंडित साजन मिश्रा, परवीन सुल्ताना, उषा उथुप, मनोज तिवारी, उस्मान मीर, मंजरी चतुर्वेदी और अदनान खान। गज़ल, सूफ़ी, हिंदुस्तानी और कर्नाटक शास्त्रीय संगीत की जुगलबंदी महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहेगी।

मंच और कला की भव्यता
इस बार महोत्सव का मंच जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित कर्कोटा वंश के राजा ललितादित्य मुक्तापीड़ द्वारा निर्मित सूर्य मंदिर की वास्तुकला पर आधारित होगा।

कला, शिल्प और विविध गतिविधियां
महोत्सव में हथकरघा, मिट्टी, लकड़ी और धातु शिल्प की प्रदर्शनी लगेगी। विंटेज कार और बाइक रैली, हेरिटेज क्विज, फोटोग्राफी प्रतियोगिता और शिल्प कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी। देहरादून के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

विशेष सत्र और मुशायरे
दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष सत्र होंगे। शायरी में शीन काफ निज़ाम, फरहत एहसास, शकील आज़मी और रश्मि सबा शाम को मुशायरे से रंग भरेंगे। इतिहासकार सोहेल हासमी, फिल्मकार अनुभव सिन्हा और कलाकार जतिन दास जैसे दिग्गज विचार साझा करेंगे।

महोत्सव की यह 15-दिवसीय यात्रा कला, संगीत और संस्कृति के माध्यम से दर्शकों को एक यादगार अनुभव प्रदान करेगी

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