
शीतकाल में छह माह तक उखीमठ में होगी बाबा की पूजा अर्चना
रुद्रप्रयाग : भाई दूज के पावन पर्व पर 23 अक्टूबर को प्रातः 08:30 बजे ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास हेतु प्रस्थान करेगी और पहले पड़ाव रामपुर पहुंचेगी।
पंचमुखी डोली का प्रवास कार्यक्रम
- 23 अक्टूबर (गुरुवार) – कपाट बंद होने के बाद रामपुर के लिए प्रस्थान, रात्रि विश्राम।
- 24 अक्टूबर (शुक्रवार) – रामपुर से प्रस्थान कर गुप्तकाशी विश्वनाथ मंदिर में रात्रि विश्राम।
- 25 अक्टूबर (शनिवार) – गुप्तकाशी से प्रस्थान कर ऊखीमठ स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचना।
मद्महेश्वर जी के कपाट 18 नवंबर को होंगे बंद
द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर धाम के कपाट 18 नवंबर को प्रातः शुभ मुहूर्त में शीतकाल हेतु बंद कर दिए जाएंगे। इस अवसर पर रावल गद्दी को साक्षी मानकर वेदपाठी आचार्यों की उपस्थिति में विशेष धार्मिक अनुष्ठान होंगे।
तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट 6 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कपाट बंद होने की तिथियों की घोषणा करते हुए श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करें।
समिति उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, ऋषि प्रसाद सती, मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल और केदारनाथ धाम प्रभारी यदुवीर पुष्पवान ने पंचकेदारों के कपाट बंद होने पर शुभकामनाएं दीं।



