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धर्मांतरण के बहाने आतंक की साजिश का पर्दाफाश

उत्तराखंड के सख्त धर्मांतरण कानून का बड़ा असर, दून पुलिस ने पकड़ा HUT मॉड्यूल

देहरादून, 12 अगस्त 2025 :  उत्तराखंड के सख्त धर्मांतरण कानून के तहत दर्ज एक मामले की जांच ने बड़ा खुलासा कर दिया है। दून पुलिस ने इस प्रकरण में एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (Hizb-ut-Tahrir – HUT) से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। आरोपी का नाम अयान जावेद है, जो झारखंड के धनबाद का रहने वाला है।

धर्मांतरण केस से खुला आतंक नेटवर्क का सुराग

दून पुलिस के मुताबिक, आरोपी अयान जावेद धर्मांतरण के एक मामले में संलिप्त पाया गया था। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि वह HUT जैसे खतरनाक आतंकी संगठन का सदस्य है। पुलिस ने उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

भारत में प्रतिबंधित हैं इस संगठन की गतिविधियां 

हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) एक वैश्विक इस्लामी चरमपंथी संगठन है, जिसका उद्देश्य खलीफाई शासन स्थापित करना माना जाता है। भारत में इस संगठन की गतिविधियां प्रतिबंधित हैं और खुफिया एजेंसियां इसे देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा मानती हैं।

एक आरोपी जेल में, दूसरे पर शिकंजा कसने की तैयारी

पुलिस ने बताया कि अयान जावेद फिलहाल रांची केंद्रीय जेल में बंद है। वहीं, मामले में शामिल एक अन्य आरोपी सुलेमान की तलाश जारी है। सुलेमान के दुबई में होने की जानकारी मिली हैं। दून पुलिस के अनुसार आंतकी और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने पर झारखण्ड एटीएस द्वारा अवैध अस्लहों के साथ अभियुक्त अयान जावेद को गिरफ्तार किया था।वर्तमान में वह सेंट्रल जेल रांची में निरूद्ध है। SSP देहरादून अजय सिंह ने कहा कि अभियुक्त अयान जल्द ही वांरट बी पर देहरादून लाया जाएगा। साथ ही एसएसपी ने कहा इस केस में एक अन्य अभियुक्त सुलेमान के विरूद्ध लुक आउट नोटिस के लिए गृह मंत्रालय से पत्राचार किया गया हैं. वही इस केस में पीडित युवतियों से पूछताछ के दौरान धर्मान्तरण प्रकरण में आगरा में गिरफ्तार अभियुक्तों के अतिरिक्त अन्य अभियुक्तों के नाम भी प्रकाश में आये है.पीड़िताओं की समय रहते की गई कॉउंसलिंग से पीड़िताओं सहित अन्य युवतियों को आतंकियों के चंगुल से पुलिस द्वारा बचाया गया हैं।

धामी सरकार के सख्त कानून का असर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने राज्य में धर्मांतरण को रोकने के लिए 2018 में उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लागू किया था, जिसे बाद में और कड़ा बनाया गया। इस प्रकरण को पुलिस और प्रशासन, इस कानून के सख्त प्रवर्तन का असर मान रहे हैं।

दून पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और राज्य की शांति व सुरक्षा बनी रहे।

 

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