शक्ति के दो विपरीत ध्रुव होंगे आमने सामने
जब आकाश में दो शक्तिशाली ग्रह आमने-सामने हों, तो केवल पंचांग ही नहीं, इंसानी जीवन की लय भी बदल जाती है। वैदिक ज्योतिष में इसे कहा जाता है — समसप्तक योग, और इस बार यह योग बन रहा है 28 जुलाई 2025 की रात, जब मंगल कन्या राशि में प्रवेश करेगा और शनि पहले से ही मीन राशि में स्थित रहेगा। मंगल जहां अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, वहीं शनि वायु तत्व का। दोनों की यह सीधी टक्कर कुछ राशियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है।
🔯 क्या होता है समसप्तक योग?
समसप्तक योग तब बनता है जब दो ग्रह एक-दूसरे से ठीक 180 डिग्री की दूरी पर, आमने-सामने की राशियों में स्थित होते हैं। ज्योतिष में इसे विशेष रूप से प्रभावशाली योग माना जाता है, क्योंकि यह टकराव, संघर्ष, मानसिक उलझन और निर्णयों में भटकाव का कारण बन सकता है। इस बार यह योग मंगल (कन्या) और शनि (मीन) के बीच बन रहा है — एक तरफ ऊर्जा और साहस का प्रतीक मंगल है, तो दूसरी ओर कर्म, अनुशासन और धीमी गति वाला शनि। यह योग कई लोगों के लिए जीवन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में खलबली मचा सकता है।
इन तीन राशियों के लिए विशेष सावधानी ज़रूरी
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए यह समसप्तक योग खासा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। शनि की सीधी दृष्टि और मंगल की स्थिति मिलकर मानसिक उलझनों और दाम्पत्य जीवन में तनाव की स्थितियां बना सकते हैं। आत्मविश्वास में गिरावट, पुराने फैसलों पर पछतावा, और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां सामने आ सकती हैं। इस समय उन्हें हनुमान जी की आराधना करनी चाहिए, मंगलवार को चमेली का तेल चढ़ाना, श्रीराम रक्षा स्तोत्र का पाठ और लाल वस्तुओं का दान करना विशेष लाभ देगा।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय मानसिक उथल-पुथल का रह सकता है। प्रेम संबंधों में भ्रम और असुरक्षा का भाव उभर सकता है, वहीं विद्यार्थियों और संतान पक्ष से जुड़ी चिंताएं बढ़ सकती हैं। मन में अकेलापन और आत्मविश्वास की कमी भी महसूस हो सकती है। शनिवार को पीपल पर जल चढ़ाना, “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का जाप, और हनुमान बाहुक का पाठ इन्हें मानसिक मजबूती देगा।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों को पारिवारिक वातावरण में खिंचाव, माता के स्वास्थ्य की चिंता और संपत्ति संबंधी निर्णयों में सावधानी रखनी होगी। कार्यक्षेत्र और घर के बीच संतुलन बनाना कठिन हो सकता है। उन्हें मंगलवार को हनुमान जी को गुड़ और चना अर्पित करना चाहिए, श्रीराम नाम का स्मरण और मां का आशीर्वाद इस समय उनकी रक्षा करेगा।
बाकी राशियों पर प्रभाव
मेष राशि के जातकों को कार्यस्थल पर अचानक बदलाव का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि पराक्रम बढ़ेगा, पर जल्दबाज़ी से बचना होगा।
वृषभ वालों को आर्थिक मामलों में सतर्क आरहना चाहिए। परिवार में किसी सदस्य की सेहत चिंता बढ़ा सकती है।
कर्क राशि के लिए यह समय यात्रा और सम्पर्क विस्तार का है, लेकिन मानसिक अस्थिरता से सतर्क रहना होगा।
सिंह राशि के लिए आय में स्थिरता बनेगी, पर व्यय भी बढ़ेगा। निवेश सोच-समझकर करें।
कन्या राशि में मंगल होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा, पर क्रोध और जिद से रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं।
तुला राशि वालों को शत्रुओं पर विजय मिलेगी, परन्तु मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
वृश्चिक वालों के लिए समय अनुकूल है, समाजिक जीवन में उन्नति संभव है।
धनु राशि को कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, पर पराक्रम से जीत संभव है।
मकर वालों को व्यावसायिक लाभ मिल सकता है, पर पारिवारिक संतुलन जरूरी रहेगा।



