
देहरादून। देहरादून सहित आसपास के शहरों में नेत्रदान अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। शहर, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अब इस पवित्र सेवा कार्य से जुड़कर लगातार संपर्क कर रहे हैं। समाज में बढ़ती जागरूकता और सक्रियता के चलते अनेक परिवार नेत्रदान को मानवता की सर्वोच्च सेवा मानते हुए आगे आ रहे हैं। स्थानीय संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, अस्पतालों और नेत्रदान कार्यकर्ताओं के संयुक्त प्रयासों से कई नेत्रहीन व्यक्तियों को नई रोशनी मिलने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
इसी क्रम में बीते शुक्रवार को देहरादून के प्रेमनगर स्पेशल विंग निवासी 85 वर्षीय सुमित्रा देवी भाटिया का सफलतापूर्वक नेत्रदान कराया गया। नेत्रदान कार्यकर्ता एवं लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के चार्टर अध्यक्ष गोपाल नारंग ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से प्रेमनगर निवासी उत्तरांचल पंजाबी महासभा के अध्यक्ष अमित भाटिया (मोनू) के संपर्क में थे, जिनकी सहायता से पूर्व में भी कई नेत्रदान संपन्न हो चुके हैं।
शुक्रवार रात, आशीष भाटिया और जयकिशन भाटिया ने अपनी दादी की नेत्रदान की इच्छा की जानकारी दी। इसके बाद गोपाल नारंग द्वारा हिमालयन हॉस्पिटल के सुरेंद्र भंडारी से रेस्क्यू टीम भेजने का अनुरोध किया गया। रेस्क्यू टीम में डॉ. पूर्वी कोशिक और डॉ. रोहन मेहंदीरता शामिल थे, जिन्होंने भाटिया परिवार के निवास पर पहुँचकर दोनों कॉर्निया सुरक्षित रूप से प्राप्त किए।
सुमित्रा देवी की नेत्रदान इच्छा पूरी होने पर उनके दामाद सोम भाटिया ने हिमालयन हॉस्पिटल और संपूर्ण टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के अध्यक्ष लायन राजीव अरोड़ा ने बताया कि यह मिशन का 427वां सफल नेत्रदान है और यह अभियान पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे भी जारी रहेगा।




