सलमान की थी ब्लास्ट हुई हुंडई कार, सीसीटीवी में कैद हुआ संदिग्ध
2014 में खरीदी गई i20 को कई बार बेचा गया

दिल्ली पुलिस की कई राज्यों में छापेमारी
दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार धमाके की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई हुंडई i20 कार (HR 26 CE 7674) की सीसीटीवी फुटेज सामने आई है, जिसमें ड्राइविंग सीट पर एक संदिग्ध व्यक्ति नजर आ रहा है। पुलिस ने फुटेज के आधार पर उसकी तलाश तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, कार मो. उमर नामक व्यक्ति चला रहा था, जबकि आरटीओ रिकॉर्ड में इस कार का मालिक मो. सलमान दर्ज है। जांच में पता चला है कि यह कार 2014 में खरीदी गई थी और इसके बाद इसे कई बार बेचा गया, लेकिन आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) अब तक ट्रांसफर नहीं हुआ।
सलमान से पूछताछ में खुलासा
ब्लास्ट के बाद दिल्ली पुलिस ने कार मालिक सलमान को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने डेढ़ साल पहले यह कार ओखला में एक व्यक्ति देवेंद्र को बेची थी, जिसने बाद में इसे अंबाला में आगे बेच दिया, और वहां से यह कार पुलवामा निवासी तारिक के पास पहुंची। अब पुलिस और जांच एजेंसियां तारिक की तलाश कर रही हैं।
फरीदाबाद से मिला विस्फोटक, कनेक्शन कश्मीर तक
इस मामले में बड़ा सुराग तब मिला जब हरियाणा के फरीदाबाद में डॉ. मुजम्मिल के घर से 360 किलो आरडीएक्स बरामद हुआ। इसके अलावा फरीदाबाद, कश्मीर और सहारनपुर में छापों के दौरान कुल 2923 किलो संदिग्ध विस्फोटक और कई हथियार बरामद किए गए। सोमवार को फरीदाबाद में ही एक अन्य स्थान से 2563 किलो अमोनियम नाइट्रेट भी मिला।
पुलिस ने कश्मीरी मूल के डॉ. मुजम्मिल को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका साथी डॉ. उमर अभी फरार है — यही नाम दिल्ली ब्लास्ट की सीसीटीवी फुटेज में दिखे संदिग्ध से भी जुड़ रहा है।
जांच में आतंकी संगठन का नाम उभरा
सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इन सभी नामों का संबंध आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से है। जांच आगे बढ़ते हुए पुलिस सहारनपुर के मेडिकेयर अस्पताल के डॉ. आदिल तक भी पहुंची, जिसे संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर गिरफ्तार कर लिया गया।
दिल्ली पुलिस, एनआईए और इंटेलिजेंस ब्यूरो अब इस पूरे नेटवर्क को कश्मीर से लेकर हरियाणा और दिल्ली तक जोड़कर खंगाल रही हैं।




