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सेना-वायुसेना का संयुक्त अभियान जारी, गंगोत्री में फंसे यात्रियों का रेस्क्यू तेज

अब तक 274 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला गया, चिनूक हेलीकॉप्टर ने हर्षिल में भरी उड़ान

उत्तरकाशी।
गंगोत्री क्षेत्र में फंसे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान अब रफ्तार पकड़ चुका है। उत्तराखंड में आई आपदा के बीच राहत और बचाव कार्यों को तेज करते हुए प्रशासन ने सेना और वायुसेना की मदद से व्यापक स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

गंगोत्री में फंसे यात्रियों की संख्या करीब 400 बताई जा रही है। इनमें से अब तक 274 लोगों को सुरक्षित हर्षिल पहुंचाया जा चुका है, जहां से उन्हें उत्तरकाशी और देहरादून लाने की प्रक्रिया लगातार जारी है।

हर्षिल पहुंचे यात्रियों में विभिन्न राज्यों के तीर्थयात्री शामिल हैं:

  • गुजरात: 131
  • महाराष्ट्र: 123
  • मध्य प्रदेश: 21
  • उत्तर प्रदेश: 12
  • दिल्ली: 7
  • राजस्थान: 6
  • असम व कर्नाटक: 5-5
  • तेलंगाना: 3
  • पंजाब: 1

आपदा प्रबंधन सचिव के अनुसार, सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।

चिनूक की लैंडिंग से राहत कार्यों को मिली रफ्तार

हर्षिल में आज पहला चिनूक हेलीकॉप्टर लैंड हुआ, जिसमें एनडीआरएफ के जवान, उपकरण और अन्य जरूरी सामग्री भेजी गई है। चिनूक की तैनाती से राहत एवं बचाव कार्यों में नई तेजी आई है।

वायुसेना और सेना का संयुक्त अभियान

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के अनुसार, बचाव कार्य में दो चिनूक, दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर के अलावा राज्य सरकार के छह हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। जल्द ही दो और हेलीकॉप्टरों के पहुंचने की संभावना है।

बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात

वर्तमान में सेना, आईटीबीपी और अन्य एजेंसियों के 479 अधिकारी व जवान राहत कार्यों में जुटे हैं, जबकि 814 जवानों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।

मातली ले जाए जाएंगे यात्री

हर्षिल में पहुंचाए गए यात्रियों को हेलीकॉप्टर के जरिए मातली लाया जाएगा, जहां से उन्हें सड़क मार्ग से उनके गंतव्य की ओर भेजने की योजना बनाई गई है।

प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि शेष फंसे हुए सभी यात्रियों को शीघ्र और सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। राहत कार्यों की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है और हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।

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