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नकली दवाओं के ख़िलाफ़ ‘ऑपरेशन क्लीन’ आज से

सीएम के निर्देश पर क्विक रेस्पॉन्स टीम गठित, होगी छापेमारी,ऑनलाइन प्लेटफार्म व ई-कॉमर्स के जरिये बिक रही दवाओं की भी जांच होगी

देहरादून,  19 जुलाई : उत्तराखंड में नकली और खराब दवाओं के कारोबार पर सख्ती के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने आज से प्रदेशभर में ‘ऑपरेशन क्लीन’ अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत फार्मा कंपनियों, थोक विक्रेताओं और फुटकर दवा दुकानों का निरीक्षण किया जाएगा। संदिग्ध दवाओं के सैंपल मौके पर ही भरे जाएंगे और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

इसके लिए सहायक औषधि नियंत्रक हेमंत नेगी की अध्यक्षता में क्विक रिस्पांस टीम गठित की गई है, जो छापेमारी और निरीक्षण की कार्रवाई करेगी। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि इस अभियान को पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाएगा ताकि बाजार में बिक रही नकली और खराब दवाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। यह अभियान आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है और इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने साफ कर दिया है कि दवा के कारोबार से जुड़े हर विक्रेता और कंपनी को खुद भी जांच के लिए तैयार रहना चाहिए।

गौरतलब है कि 18 जुलाई शुक्रवार को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली से एक ऐसे शातिर कारोबारी देवी दयाल को गिरफ्तार किया है, जो ब्रांडेड कंपनियों की नकली दवाइयां बना रहा था। देवी दयाल पिछले चार साल से फरार था। देवी दयाल के पास से करोड़ों रुपये की नकली दवाएं, दवा कंपनियों के फर्जी रैपर, पैकिंग मटेरियल और भारी मात्रा में अन्य सामान बरामद हुआ है।

निरीक्षण के लिए प्रदेश के जिलों को दो श्रेणियों में बांटा 

🔷 पहली श्रेणी में शामिल जिले:

देहरादून,  हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल

🔷 दूसरी श्रेणी में शामिल जिले:

अल्मोड़ा, ,रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी,  चंपावत

इन जिलों में दवा विक्रेताओं, गोदामों और फार्मा कंपनियों की सघन जांच की जाएगी और संदेहास्पद दवाओं के सैंपल परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि नकली या खराब दवाएं बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान मिलने वाली सभी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विभाग ने नकली दवाओं की सूचना के लिए फ्री हेल्पलाइन नंबर 18001804246 शुरू किया है।

क्यों जरूरी है यह कार्रवाई?

बीते वर्षों में उत्तराखंड समेत देशभर में नकली दवाओं के कई बड़े मामले सामने आ चुके हैं। नकली दवाओं के कारण मरीजों की सेहत पर गंभीर असर होता है, कई बार जान जाने का खतरा रहता है। सरकार का उद्देश्य साफ है—उत्तराखंड को नकली दवाओं के नेटवर्क से मुक्त करना।

 

 

 

 

 

 

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