लंबे अदालती फैसलों का चंद सेकंड में मिलेगा सार, विधि छात्रों ने सीखी मनुपात्रा की तकनीक
सुप्रीम कोर्ट से अंतरराष्ट्रीय अदालतों तक के फैसले एक क्लिक पर

देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय में आयोजित सेमिनार में विधि छात्रों को लीगल डाटाबेस के उपयोग और आधुनिक तकनीक की दी जानकारी
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय में मंगलवार को ‘लीगल डाटाबेस मनुपात्रा’ विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें विधि के छात्र-छात्राओं को न्यायालयों के लंबे फैसलों का मुख्य सार त्वरित रूप से प्राप्त करने के साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अदालतों के निर्णयों को डिजिटल माध्यम से खोजने की प्रक्रिया समझाई गई। सेमिनार में छात्रों को बताया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग जैसी तकनीकों ने कानूनी शोध को काफी आसान बना दिया है।
केस नंबर से लेकर अधिनियम और धारा तक से खोज संभव
विधि विभाग के डीन प्रोफेसर अनिल कुमार दीक्षित ने कहा कि तकनीक समावेशी दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग तकनीक के इस्तेमाल से लीगल डाटाबेस में न्यायालयों के कानूनी निर्णयों से संबंधित संदर्भ आसानी से खोजे जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि उन्नत सर्च इंटरफेस की मदद से किसी मामले को केस नंबर, न्यायाधीश के नाम, याचिकाकर्ता या प्रतिवादी के नाम अथवा किसी विशेष अधिनियम या धारा के आधार पर कुछ ही सेकंड में खोजा जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट से अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों तक का डिजिटल संग्रह
सेमिनार में मनुपात्रा डाटाबेस के एरिया हेड अमरेंद्र नाथ ने छात्रों को डाटाबेस की उपयोगिता और इसकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मनुपात्रा में न्यायालयों के निर्णयों का विशाल डिजिटल संग्रह उपलब्ध है। इसमें भारत के सर्वोच्च न्यायालय, देश के सभी उच्च न्यायालयों, विभिन्न न्यायाधिकरणों के साथ-साथ 14 से अधिक अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों के निर्णय शामिल हैं।
उन्होंने छात्रों को बताया कि इस तरह के डाटाबेस के माध्यम से कानून के विद्यार्थियों और कानूनी पेशे से जुड़े लोगों को विभिन्न मामलों में प्रासंगिक निर्णयों और कानूनी संदर्भों तक तेजी से पहुंचने में मदद मिलती है।
गणेश वंदना और दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
सेमिनार का शुभारंभ गणेश वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विधि विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव त्यागी ने सेमिनार की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। पुस्तकालय अध्यक्ष रेखा ठाकुर ने मुख्य वक्ता अमरेंद्र नाथ का स्वागत किया।
इस अवसर पर डॉ. विनोद जोशी, आकांक्षा भट्ट, हिमांशु जखमोला, डॉ. राजन हांडा, इशिका शर्मा, शिवांगी पाठक, स्माइल गोयल सहित लॉ स्कूल के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।



