
देहरादून, 14 जुलाई 2025 — उत्तराखंड में सोमवार को बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। राज्य के पर्वतीय जिलों में भूस्खलन और भारी मलबा आने के कारण कुल 73 सड़कों पर यातायात पूरी तरह ठप रहा, जिनमें अधिकांश ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। पिथौरागढ़ जिले का मिलम–मुनस्यारी सीमा मार्ग लगातार तीसरे दिन भी बंद रहा, जिससे सीमावर्ती गांवों से संपर्क टूटा रहा।
प्रशासन द्वारा सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए थे कि बंद मार्गों को दो घंटे के भीतर खोला जाए, लेकिन सोमवार शाम तक भी 73 सड़कों पर मलबा और रुकावटें बनी रहीं। रविवार को बंद 81 सड़कों में से केवल 8 मार्ग ही बहाल किए जा सके।
प्रभावित जिले और स्थिति:
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभिन्न जिलों में सड़कों की स्थिति इस प्रकार रही:
| जिला | बंद सड़कें |
|---|---|
| पिथौरागढ़ | 9 |
| चमोली | 17 |
| पौड़ी | 14 |
| रुद्रप्रयाग | 9 |
| बागेश्वर | 6 |
| नैनीताल | 3 |
| टिहरी | 5 |
| उत्तरकाशी | 4 |
| अल्मोड़ा | 2 |
| देहरादून | 4 |
इनमें से 62 सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत आती हैं, जिनका पुनः संचालन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
राहत कार्य जारी, चुनौतियां बड़ी
SDRF और जिला प्रशासन की टीमें राहत कार्यों में लगी हुई हैं। हालांकि, लगातार भूस्खलन और मूसलधार बारिश के कारण मलबा हटाने में दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर सड़कें पूरी तरह धंस चुकी हैं या मलबे से पटी हुई हैं।
प्रशासन ने “दो घंटे में सड़कें खोलने” के निर्देश तो जारी किए हैं, लेकिन भूगर्भीय परिस्थितियों और खराब मौसम ने राहत कार्यों की रफ्तार धीमी कर दी है।
आगे की तैयारी और चेतावनी
राज्य मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे गैर-ज़रूरी यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।



